|| यीशु ने कहा, "देखो, मैं शीघ्र आनेवाला हूँ। मेरा पुरस्कार मेरे पास है और मैं प्रत्येक मनुष्य को उसके कर्मों का प्रतिफल दूँगा। मैं अल्फा और ओमेगा; प्रथम और अन्तिम; आदि और अन्त हूँ।" Revelation 22:12-13     
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मसीह की सुगन्ध


 

मसीह की सुगन्ध  (2 Corinthians 2:12-17 )
[12]Now when I went to Troas to preach the gospel of Christ and found that the Lord had opened a door for me,
[13]I still had no peace of mind, because I did not find my brother Titus there. So I said goodbye to them and went on to Macedonia.
[14]But thanks be to God, who always leads us as captives in Christ’s triumphal procession and uses us to spread the aroma of the knowledge of him everywhere.
[15]For we are to God the pleasing aroma of Christ among those who are being saved and those who are perishing.
[16]To the one we are an aroma that brings death; to the other, an aroma that brings life. And who is equal to such a task?
[17]Unlike so many, we do not peddle the word of God for profit. On the contrary, in Christ we speak before God with sincerity, as those sent from God.

2 कुरिन्थियों 2:12-17 -
[12]और जब मैं मसीह का सुसमाचार, सुनाने को त्रोआस में आया, और प्रभु ने मेरे लिये एक द्वार खोल दिया।
[13]तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तीतुस को नहीं पाया; सो उन से विदा होकर मैं मकिदुनिया को चला गया।
[14]परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
[15]क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्ध हैं।
[16]कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
[17]क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।
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वचन का प्रस्तावना(उद्देशिका) -

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✓त्रोआस -
2Co2:12 - त्रोआस मकिदुनिया में एक मुख्य समुद्री बंदरगाह नगर था - 
प्रेरितों के काम 20:5-12-
[5]वे आगे जाकर त्रोआस में हमारी बाट जोहते रहे।
[6]और हम अखमीरी रोटी के दिनों के बाद फिलिप्पी से जहाज पर चढ़कर पांच दिन में त्रोआस में उनके पास पहुंचे, और सात दिन तक वहीं रहे।
[7]सप्ताह के पहिले दिन जब हम रोटी तोड़ने के लिये इकट्ठे हुए, तो पौलुस ने जो दूसरे दिन चले जाने पर था, उन से बातें की, और आधी रात तक बातें करता रहा।
[8]जिस अटारी पर हम इकट्ठे थे, उस में बहुत दीये जल रहे थे।
[9]और यूतुखुस नाम का एक जवान खिड़की पर बैठा हुआ गहरी नींद से झुक रहा था, और जब पौलुस देर तक बातें करता रहा तो वह नींद के झोंके में तीसरी अटारी पर से गिर पड़ा, और मरा हुआ उठाया गया।
[10]परन्तु पौलुस उतरकर उस से लिपट गया, और गले लगाकर कहा; घबराओ नहीं; क्योंकि उसका प्राण उसी में है।
[11]और ऊपर जाकर रोटी तोड़ी और खाकर इतनी देर तक उन से बातें करता रहा, कि पौ फट गई; फिर वह चला गया।
[12]और वे उस लड़के को जीवित ले आए, और बहुत शान्ति पाई।

✓तीतुस -
•2Co2:13 - 
तीतुस एक अन्यजातिय अर्थात् गैर-यहूदी मसीही था, जिसने पौलुस के साथ बहुत ही निकटता में रहकर काम किया था और वह यरूशलेम की एक यात्रा में भी उनके साथ गया था।
✓तीतुस, पौलुस का एक यूनानी शिष्य था,जिसका खतना नहीं हुआ था।
Gal2:1-3 -
[1]चौदह वर्ष के बाद मैं बरनबास के साथ यरूशलेम को गया और तीतुस को भी साथ ले गया।
[2]और मेरा जाना ईश्वरीय प्रकाश के अनुसार हुआ: और जो सुसमाचार मैं अन्यजातियों में प्रचार करता हूं, उस को मैं ने उन्हें बता दिया, पर एकान्त में उन्हीं को जो बड़े समझे जाते थे, ताकि ऐसा न हो, कि मेरी इस समय की, या अगली दौड़ धूप व्यर्थ ठहरे।
[3]परन्तु तीतुस भी जो मेरे साथ था और जो यूनानी है; खतना कराने के लिये विवश नहीं किया गया।

✓तीतुस के प्रति पौलुस का प्रेम -
2Co7:6-7 -
[6]तौभी दीनों को शान्ति देने वाले परमेश्वर ने तीतुस के आने से हम को शान्ति दी।
[7]और न केवल उसके आने से परन्तु उस की उस शान्ति से भी, जो उस को तुम्हारी ओर से मिली थी; और उस ने तुम्हारी लालसा, और तुम्हारे दुख और मेरे लिये तुम्हारी धुन का समाचार हमें सुनाया, जिससे मुझे और भी आनन्द हुआ।

✓तीतुस के नाम पौलुस का पत्र।
मकिदूनिया -
✓मकिदूनिया - यूनानी उत्तर में रोमन साम्राज्य का प्रान्त, जहां पौलुस ने धर्म प्रचार किया - 
AC16 & 17.

✓ जय के उत्सव(विजयी-यात्रा) -
 रोम में विजयी सेनापतियों के सम्मान में विजयी-यात्रा का आयोजन किया जाता था, जिसमें युद्ध-बन्दी विजेता के रथ के आगे पैदल चलते थे और विजयी के परिचर /सैनिक सुगन्धित जल छिड़कते थे।
✓रोमियो के विजय उत्सव में जुलूस में रोमन (धूप) जलाया जाता था। पौलुस ने इसकी तुलना मसीह के ज्ञान से किया था , जो कि सुसमाचार के प्रचार के माध्यम से एक सुगन्ध के समान संसार में सब जगह फैल जाता है।

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*2Co2:12-13 -
[12]और जब मैं मसीह का सुसमाचार, सुनाने को त्रोआस में आया,और प्रभु ने मेरे लिये एक द्वार खोल दिया।
[13]तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तीतुस को नहीं पाया; सो उन से विदा होकर मैं मकिदुनिया को चला गया।
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✓पौलुस ने तीतुस से त्रोआस में भेंट करने की योजना बनाई थी ताकि उसे कुरिन्थियों का समाचार मिले। युनान जाने के पहले पौलुस त्रोआस में सेवकाई करने का इच्छुक था जोकि एक प्रिय रोमन उपनिवेश था। परमेश्वर ने उसके लिए एक द्वार खोला था अर्थात् उसे मसीह के सुसमाचार प्रचार हेतु एक अच्छा अवसर दिया गया था। 

✓परन्तु पौलुस की वे आशाएं टूट गई जब तीतुस, त्रोआस आने में असफल रहा।कुरिन्थियों की कलीसिया के बारे में चिंता के अतिरिक्त,पौलुस अब तीतुस की सुरक्षा के लिए भी चिंतित था। क्योंकि पौलुस सोचता था कि सम्भवत:तीतुस के पास कुरिन्थियों द्वारा एकत्र चंदे/दान का एक भाग होगा।
और वह डाकुओं का शिकार बन गया होगा। अन्यथा वह पौलुस से त्रोआस में मिलने में क्यों असफल हुआ? इस प्रकार पौलुस के मन में शांति नहीं थी और वह व्याकुल था, क्योंकि वह त्रोआस में सेवकाई के विशाल सुअवसर पर स्वयं को केन्द्रित नहीं कर पा रहा था। इसलिए पौलुस वहां कलीसिया से अलविदा कहकर मकिदुनिया की ओर बढ़ गया। वह द्वार उसके लिए उसकी वापसी तक खुला रहेगा।

1कुरिन्थियों 16:9-
क्योंकि मेरे लिये एक बड़ा और उपयोगी द्वार खुला है, और विरोधी बहुत से हैं।

कुलुस्सियों 4:3-
[3]और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।

2 कुरिन्थियों 8:6 -
[6]इसलिये हम ने तीतुस को समझाया, कि जैसा उस ने पहिले आरम्भ किया था, वैसा ही तुम्हारे बीच में इस दान के काम को पूरा भी कर ले।

✓2 कुरिन्थियों 7:5-6 -
[5]क्योंकि जब हम मकिदुनिया में आए, तब भी हमारे शरीर को चैन नहीं मिला, परन्तु हम चारों ओर से क्लेश पाते थे; बाहर लड़ाइयां थीं, भीतर भयंकर बातें थी।
[6]तौभी दीनों को शान्ति देने वाले परमेश्वर ने तीतुस के आने से हम को शान्ति दी।

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*2Co2:14 - परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
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✓जय के उत्सव - 
कोरिन्थ में मसीही विश्वासियों को लिखते समय पौलुस ने एक ऐसे उदाहरण का प्रयोग किया जो उन्हें किसी जीते हुए नगर में विजयी रोमी सेना के प्रवेश को याद दिलाता है।नगर के मार्ग पर विजय - यात्रा /जुलूस में सुगन्धित द्रव्य (धूप) जलाए जाते,और सबसे पहले रोमी सेना का सेनापति प्रवेश करता, उसके पीछे - पीछे उसकी सेना आती,और सबसे अन्त में पराजित सेना के कैदी लाए जाते। रोमी सैनिकों के लिए उस सुगन्ध का अर्थ था --- विजय का उत्सव, जबकि पराजित कैदियों के लिए उसी सुगन्ध का अर्थ था --- मृत्यु।

✓2Co2:14 में पौलुस के शब्द -" जय के उत्सव"-- रोमियो के विजय जुलूस पर आधारित है,वह विजयी जुलूस जिसमें एक विजयी सेनापति को पुरस्कार देने के लिए दुश्मन कैदियों को जबरदस्ती एक जुलूस में चलाया जाता था। मसीह के द्वारा विजयी परमेश्वर ने अपने शत्रुओं को पराजित किया था।

✓ज्ञान का सुगन्ध - 
पौलुस यीशु के शुभ संदेश की तुलना सुगन्ध-द्रव्य से करता है और कहता है कि परमेश्वर के लोग विश्वास करनेवालों तक सुगन्ध पहुंचाते हैं।यह हम खुद उत्पन्न नहीं करते हैं किन्तु परमेश्वर देता है जब हम उसका ज्ञान फैलाते हैं।
परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने कहा है कि परमेश्वर के लिए हम वह सुगन्ध हैं जो पाप पर मसीह की विजय की सूचक है। परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को स्वयं मसीह यीशु ही सुगन्ध प्रदान की है, जिससे हम उसके बलिदान की सुगन्ध बन सकें। 

किन्तु हम कैसे इस सुखद सुगन्ध को औरों के जीवन में ला सकते हैं? 

हम उन्हें मसीह यीशु के समान उदारता और प्रेम प्रर्दशित कर सकते हैं, उनके साथ प्रभु यीशु में  पापों की क्षमा और उध्दार का सुसमाचार बांट सकते हैं। 
 हम प्रभु को अनुमति और अवसर दें कि हम में होकर  अपनी सुसमाचार की सुगन्ध को संसार के लोगों के मध्य में फैला सकें। और हम उसके उध्दार के सुसमाचार को बांट सकें।


रोमियो 5:10-
[10]क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?

कुलुस्सियों 2:15-
[15]और उस ने प्रधानताओं और अधिकारों को अपने ऊपर से उतार कर उन का खुल्लमखुल्ला तमाशा बनाया और क्रूस के कारण उन पर जय-जय-कार की ध्वनि सुनाई।

1 कुरिन्थियों 4:9 -
[9]मेरी समझ में परमेश्वर ने हम प्रेरितों को सब के बाद उन लोगों की नाईं ठहराया है, जिन की मृत्यु की आज्ञा हो चुकी हो; क्योंकि हम जगत और स्वर्गदूतों और मनुष्यों के लिये एक तमाशा ठहरे हैं।

2 कुरिन्थियों 4:7-12 -
[7]परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
[8]हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
[9]सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
[10]हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
[11]क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
[12]सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।

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2Co2:15-16 -
[15]क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्ध हैं।
[16]कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
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✓सुगन्ध, बाइबल के पुराना नियम में बलिदानों को प्रयुक्त किया गया है -

उत्पत्ति 8:11-
[11]और कबूतरी सांझ के समय उसके पास आ गई, तो क्या देखा कि उसकी चोंच में जलपाई का एक नया पत्ता है; इस से नूह ने जान लिया, कि जल पृथ्वी पर घट गया है।

निर्गमन 29:18-
[18]तब उस पूरे मेढ़े को वेदी पर जलाना; वह तो यहोवा के लिये होमबलि होगा; वह सुखदायक सुगन्ध और यहोवा के लिये हवन होगा।

लैव्यवस्था 1:9-
[9]और वह उसकी अंतडिय़ों और पैरों को जल से धोए। तब याजक सब को वेदी पर जलाए, कि वह होमबलि यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे।

गिनती 15:3-
[3]और यहोवा के लिये क्या होमबलि, क्या मेलबलि, कोई हव्य चढ़ावो, चाहे वह विशेष मन्नत पूरी करने का हो चाहे स्वेच्छाबलि का हो, चाहे तुम्हारे नियत समयों में का हो, या वह चाहे गाय-बैल चाहे भेड़-बकरियों में का हो, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो;
 

✓परमेश्वर को अच्छी तरह प्रसन्न करने वाला, परमेश्वर के संदेश की घोषणा में उसके जीवन का दौर - परमेश्वर के सेवक के समान था, जबकि उसी समय इन्कार का दुःख और बहुतों के द्वारा आक्रमण भोगते हुए मसीह की जीवन का विस्तार था। 

*मरने के निमित्त मृत्यु की गन्ध -

✓सुसमाचार का मुख्य प्रकाशन यह है कि यीशु की मृत्यु के द्वारा लोगों को जीवन और पुनरूत्थान मिल सके- 1Co15.
उनके लिये जिन्होने सुसमाचार का इन्कार किया और क्रूसित एवं पुनरुत्थित मसीह के शुभ संदेश पर विश्वास नहीं किया, उनके नथुनों में यह सुसमाचार मृत्यु की दुर्गन्ध के समान था, जो विनाश के पथ पर आगे बढ़ रहे थे।

प्रेरितों के काम 17:32-
[32]मरे हुओं के पुनरुत्थान की बात सुनकर कितने तो ठट्ठा करने लगे, और कितनों ने कहा, यह बात हम तुझ से फिर कभी सुनेंगे।
2 कुरिन्थियों 6:9-10-
[9]अनजानों के सदृश्य हैं; तौभी प्रसिद्ध हैं; मरते हुओं के जैसे हैं और देखो जीवित हैं; मार खाने वालों के सदृश हैं परन्तु प्राण से मारे नहीं जाते।
[10]शोक करने वालों के समान हैं, परन्तु सर्वदा आनन्द करते हैं, कंगालों के जैसे हैं, परन्तु बहुतों को धनवान बना देते हैं; ऐसे हैं जैसे हमारे पास कुछ नहीं तौभी सब कुछ रखते हैं।

*जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध-

रोमियो 12:1-
[1]इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।

✓परन्तु उनके लिये जो विश्वास करते हैं,उनका उद्धार आगे बढ़ कर महिमायुक्त होता था। उनके लिये सुसमाचार, जीवन की सुगन्ध के समान था।
✓पौलुस का जीवन एक बलिदानी भेंट था।

* मृत्यु और जीवन के योग्य कौन -

✓प्रेरित पौलुस के अनुसार परमेश्वर का अनुसरण करने वालों के पास "मसीह की सुगन्ध" है। उसके मेजबान मसीह की तरह खुशबु महका रहे थे।

✓पौलूस के सेवकाई की इन दोनों पहलू का उत्तर वचन के प्रकाशन में यह है कि --
2 कुरिन्थियों 3:5-6 -
[5]यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
[6]जिस ने हमें नई वाचा के सेवक होने के योग्य भी किया, शब्द के सेवक नहीं वरन आत्मा के; क्योंकि शब्द मारता है, पर आत्मा जिलाता है।

✓पौलुस ने झूठे प्रेरितों के कामों का स्मरण किया,वे स्वयं अपने को अधिक सही से  समझते थे।परन्तु यह इसलिये कि उनका संदेश और प्रेरणा पौलुस से मूल सिद्धांतों के विपरीत से था। अत: इस बिन्दु पर उसे कोई भी उत्तर देने की आवश्यकता ही नहीं थी।

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2Co2:17- क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।
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✓पौलुस के जमाने में झूठे प्रेरितों की कोई घटी नहीं थी । झूठे प्रेरितों का गुण, उनके संदेश और उद्देश्य थे -- एक धोखेबाज व्यापारी के समान, वे स्वार्थ से अपना समान बेचते थे।पौलुस ने कहा वे परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं/फेरी लगाते हैं।पौलुस के मन में यशायाह का वर्णन स्मरण आया होगा कि यरूशलेम के चरित्रहीन इस्राएली अपने दखरस को पानी से पतला करके अपना लाभ बढ़ाते थे।

यशायाह 1:22-
[22]तेरे दाखमधु में पानी मिल गया है।

इसी प्रकार ये झूठे प्रेरित भी परमेश्वर के वचन को अपने लाभ के लिए बदलते थे। वे अपने स्वयं की सेवा करते थे न कि परमेश्वर की, जिसका प्रतिनिधि पौलुस था। वे पैसों के लोभी थे ।

1 पतरस 5:2-
[2]कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार आनन्द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर।

✓सैध्दांतिक रूप से आत्मिक परिश्रम करने के लिए उसे संसारिक वस्तुएं लेने में कोई समस्या नहीं थी ।परन्तु पौलुस विश्वासयोग्यता से सेवकाई करता था ।

2 कुरिन्थियों 1:12-
[12]क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्र परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्रता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।

2Co2:17 - यह आर्थिक संव्यवहार से संबंधित है। यद्यपि यह उन लोगों के लिए स्वीकार योग्य था जो शुभ संदेश का प्रचार करते थे और आशा करते थे कि जो कलीसियाएं उन्हें ग्रहण करती है वे आर्थिक रूप से उनकी सहायता भी करें, परन्तु प्रचारकों को अपने  मेजबानों की उदारता का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए था।

1 कुरिन्थियों 4:9-13 -
[9]मेरी समझ में परमेश्वर ने हम प्रेरितों को सब के बाद उन लोगों की नाईं ठहराया है, जिन की मृत्यु की आज्ञा हो चुकी हो; क्योंकि हम जगत और स्वर्गदूतों और मनुष्यों के लिये एक तमाशा ठहरे हैं।
[10]हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो: हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो: तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं।
[11]हम इस घड़ी तक भूखे-प्यासे और नंगे हैं, और घूंसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं;
[12]और अपने ही हाथों से काम करके परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं।
[13]वे बदनाम करते हैं, हम बिनती करते हैं: हम आज तक जगत के कूड़े और सब वस्तुओं की खुरचन की नाईं ठहरे हैं!

1 कुरिन्थियों 9:11-18 -
[11]सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें।
[12]जब औरों का तुम पर यह अधिकार है, तो क्या हमारा इस से अधिक न होगा? परन्तु हम यह अधिकार काम में नहीं लाए; परन्तु सब कुछ सहते हैं, कि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार की कुछ रोक न हो।
[13]क्या तुम नहीं जानते कि जो पवित्र वस्तुओं की सेवा करते हैं, वे मन्दिर में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साथ भागी होते हैं?
[14]इसी रीति से प्रभु ने भी ठहराया, कि जो लोग सुसमाचार सुनाते हैं, उन की जीविका सुसमाचार से हो।
[15]परन्तु मैं इन में से कोई भी बात काम में न लाया, और मैं ने तो ये बातें इसलिये नहीं लिखीं, कि मेरे लिये ऐसा किया जाए, क्योंकि इस से तो मेरा मरना ही भला है; कि कोई मेरा घमण्ड व्यर्थ ठहराए।
[16]और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय।
[17]क्योंकि यदि अपनी इच्छा से यह करता हूं, तो मजदूरी मुझे मिलती है, और यदि अपनी इच्छा से नहीं करता, तौभी भण्डारीपन मुझे सौंपा गया है।
[18]सो मेरी कौन सी मजदूरी है? यह कि सुसमाचार सुनाने में मैं मसीह का सुसमाचार सेंत मेंत कर दूं; यहां तक कि सुसमाचार में जो मेरा अधिकार है, उस को मैं पूरी रीति से काम में लाऊं।

2 पतरस 2:1-
[1]और जिस प्रकार उन लोगों में झूठे भविष्यद्वक्ता थे उसी प्रकार तुम में भी झूठे उपदेशक होंगे, जो नाश करने वाले पाखण्ड का उद्घाटन छिप छिपकर करेंगे और उस स्वामी का जिस ने उन्हें मोल लिया है इन्कार करेंगे और अपने आप को शीघ्र विनाश में डाल देंगे।

पौलुस के अनुसार झूठे प्रेरितों की सेवकाई उनके स्वयं के फायदे का मामला था। उनके समान नहीं वरन् उसने कुरिन्थ में बिना वेतन के सेवकाई की थी।

2 कुरिन्थियों 11:7-12-
[7]क्या इस में मैं ने कुछ पाप किया; कि मैं ने तुम्हें परमेश्वर का सुसमाचार सेंत मेंत सुनाया; और अपने आप को नीचा किया, कि तुम ऊंचे हो जाओ?
[8]मैं ने और कलीसियाओं को लूटा अर्थात मैं ने उन से मजदूरी ली, ताकि तुम्हारी सेवा करूं।
[9] और जब तुम्हारे साथ था, और मुझे घटी हुई, तो मैं ने किसी पर भार नहीं दिया, क्योंकि भाइयों ने, मकिदुनिया से आकर मेरी घटी को पूरा किया: और मैं ने हर बात में अपने आप को तुम पर भार होने से रोका, और रोके रहूंगा।
[10]यदि मसीह की सच्चाई मुझ में है, तो अखया देश में कोई मुझे इस घमण्ड से न रोकेगा।
[11]किस लिये? क्या इसलिये कि मैं तुम से प्रेम नहीं रखता? परमेश्वर यह जानता है।
[12]परन्तु जो मैं करता हूं, वही करता रहूंगा; कि जो लोग दांव ढूंढ़ते हैं, उन्हें मैं दांव पाने न दूं, ताकि जिस बात में वे घमण्ड करते हैं, उस में वे हमारे ही समान ठहरें।

2 कुरिन्थियों 12:14-
[14]देखो, मैं तीसरी बार तुम्हारे पास आने को तैयार हूं, और मैं तुम पर कोई भार न रखूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारी सम्पत्ति नहीं, वरन तुम ही को चाहता हूं: क्योंकि लड़के-बालों को माता-पिता के लिये धन बटोरना न चाहिए, पर माता-पिता को लड़के-बालों के लिये।


आइए, हम परमेश्वर पवित्र-आत्मा को अपने मन, ह्रदय और आत्मा में वास करने दें, और  Gal5:22-23 -  पवित्र आत्मा के फल --- प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम को अपने आचरण एवं संव्यवहार से प्रगट करें।
हमारे प्रभु यीशु मसीह का क्रूस बलिदान और पुनरूत्थान ही सर्वोत्तम सुगन्ध है। मसीह की सुगन्ध रूपी सुसमाचार को हमारे दिन-प्रति-दिन के जीवन में अपने व्यवहार से संसार के समस्त मानव जातियों के बीच में सर्वत्र फैला सकें।  

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