|| यीशु ने कहा, "देखो, मैं शीघ्र आनेवाला हूँ। मेरा पुरस्कार मेरे पास है और मैं प्रत्येक मनुष्य को उसके कर्मों का प्रतिफल दूँगा। मैं अल्फा और ओमेगा; प्रथम और अन्तिम; आदि और अन्त हूँ।" Revelation 22:12-13     
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यशायाह नबी का परिचय


 
यशायाह का अर्थ -- "प्रभु का दास " एक प्रभावशाली, उच्च वर्गीय परिवार में जन्मे यशायाह का, राजकीय व्यक्तियों से मेल- जोल था और वह राष्ट के विदेशी मामलों में परामर्श दिया करता था।
यीशु मसीह के जन्म -स्थान के रुप में बेतलेहेम का नाम घटना से करीब 700 वर्ष पहले बता दिया था।(Micah.5:2) 
Micah5:2- हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
यहोवा (प्रभु )का दास यशायाह (यशायाह; यिर्मयाह; यहेजकेल तथा दानिय्येल) बड़े नबियों में से अग्रणी स्थान पर है ।
यशायाह के समय तक इस्राएली राष्ट्र 02 राज्यों में बँट गया था ---- 
1.उत्तरी राज्य की राजधानी --सामरिया । 
2 .दक्षिणी राज्य की राजधानी -यरुशलेम। 
निवासी --- यरुशलेम ।
पिता ---आमोस  Amoz (Isa.1:1) 
Isa.1:1 आमोस के पुत्र यशायाह का दर्शन, जिस को उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह नाम यहूदा के राजाओं के दिनों में पाया।
पत्नी--- नबिया । Prophetess(Isa.8:3) 
Isa.8:3- और मैं अपनी पत्नी के पास गया, और वह गर्भवती हुई और उसके पुत्र उत्पन्न हुआ। तब यहोवा ने मुझ से कहा, उसका नाम महेर्शालाल्हाशबज रख; 
Jdg.4:4 उस समय लप्पीदोत की स्त्री दबोरा जो नबिया थी इस्राएलियों का न्याय करती थी।
2Ki.22:14-20 
14 हिलकिय्याह याजक और अहीकाम, अकबोर, शापान और असाया ने हुल्दा नबिया के पास जा कर उस से बातें की, वह उस शल्लूम की पत्नी थी जो तिकवा का पुत्र और हर्हस का पोता और वस्त्रों का रखवाला था, ( और वह स्त्री यरूशलेम के नये टोले में रहती थी )। 
15 उसने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जिस पुरुष ने तुम को मेरे पास भेजा, उस से यह कहो, 
16 यहोवा यों कहता है, कि सुन, जिस पुस्तक को यहूदा के राजा ने पढ़ा है, उसकी सब बातों के अनुसार मैं इस स्थान और इसके निवासियों पर विपत्ति डाला चाहता हूँ। 
17 उन लोगों ने मुझे त्याग कर पराये देवताओं के लिये धूप जलाया और अपनी बनाई हुई सब वस्तुओं के द्वारा मुझे क्रोध दिलाया है, इस कारण मेरी जलजलाहट इस स्थान पर भड़केगी और फिर शांत न होगी। 
18 परन्तु यहूदा का राजा जिसने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेजा है उस से तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा कहता है। 
19 इसलिये कि तू वे बातें सुन कर दीन हुआ, और मेरी वे बातें सुन कर कि इस स्थान और इसके निवासियों देख कर लोग चकित होंगे, और शाप दिया करेंगे, तू ने यहोवा के साम्हने अपना सिर नवाया, और अपने वस्त्र फाड़ कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है, यहोवा की यही वाणी है। 
20 इसलिये देख, मैं ऐसा करूंगा, कि तू अपने पुरखाओं के संग मिल जाएगा, और तू शांति से अपनी कबर को पहुंचाया जाएगा, और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर डाला चाहता हूँ, उस में से तुझे अपनी आंखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा। तब उन्होंने लौट कर राजा को यही सन्देश दिया। Isa.38:1-- उन दिनों में हिजकिय्याह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्र यशायाह नबी ने उसके पास जा कर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा।
पुत्र -- 02 1.Shear-Jashub. शार्याशूल(Isa.7:3) which means "a remnant shall return". 
Isa.7:3~ तब यहोवा ने यशायाह से कहा, अपने पुत्र शार्याशूब को ले कर धोबियों के खेत की सड़क से ऊपरली पोखरे की नाली के सिरे पर आहाज से भेंट करने के लिये जा, 
2. MAHER-SHALAL-HASH-BAZ. * महेर्शालाल्हाशबज * (Isa.8:3) which means "the spoil speedeth the prey hasteth "
यशायाह, यहूदा के राजदरबार में एक सलाहकार था ।
वह धर्मी व्यक्ति था और उस समय की सामाजिक बुराइयों का विरोध करता था।
यशायाह ने उज्जियाह के मृत्यु (ई.पू.740) के वर्ष में अपना कार्यक्रम आरम्भ किया था और बाद में राजाओं - योताम, आहाज और हिजकिय्याह के दिनों तक कार्य करता रहा।(Isa.1:1,6:1) 
Isa.6:1~ जिस वर्ष उज्जिय्याह राजा मरा, मैं ने प्रभु को बहुत ही ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा; और उसके वस्त्र के घेर से मन्दिर भर गया।
करीबन 64 वर्षों तक(739BC - 686BC) भविष्यवाणी करता रहा ।
यशायाह की पुस्तक में लगभग 200 वर्ष के लम्बे समय का वर्णन है जो यहूदा के बंधुआ बनाकर बेबीलोन को ले जाए जाने तथा बाद में बंधुवाई से छूटकर पलस्तीन में पहुँचने तक का वर्णन है ।
यशायाह नबी की पुस्तक को "छोटा बाइबल" के नाम से भी जाना जा रहा था।
मृत्यु - यहूदी परम्परागत विश्वास के अनुसार कहा जाता है कि दुष्ट मनश्शे के राज्यकाल में उसकी हत्या एक खोखली लकड़ी के भीतर डालकर, आरे से उसे 02 टुकड़ों में चीर कर की गई थी ।

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