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10. क्योंकि बुध्दि तो तेरे हदय में प्रवेश करेगी ; और ज्ञान तुझे सुख देनेवाला लगेगा ;
11. विवेक तुझे सुरक्षित रखेगा ; और समझ तेरी रक्षक होगी- Proverbs2:10-11.
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03.घर बुध्दि से बनता है , और समझ के द्वारा स्थिर होता है।
04. ज्ञान के द्वारा कोठरियां सब प्रकार की बहुमूल्य और मनोहर वस्तुओं से भर ----- जाती हैं । - Proverbs 24 : 3 - 4.
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वह मेरी महिमा करेगा , क्योंकि वह मेरी बातों में से लेकर तुम्हें बताएगा । - John 16: 14.
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तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैंने तुम्हें चुना है और नियुक्त किया कि तुम जाकर फल लाओ और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो , वह तुम्हें दे । - John 15 : 16.
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यीशु ने कहा , "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता "- John14:6.
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25.यीशु ने कहा, " पुनरुत्थान और जीवन मै ही हूँ ; जो कोई मुझ पर विश्वास करता है , वह यदि मर भी जाए तौभी जीएगा,
26 और जो कोई जीवित है और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्त काल तक न मरेगा । - John 11 : 25-26.
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यीशु ने कहा, " जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा " - John 8 : 12.
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37. यीशु ने पुकार कर कहा , " यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पीए ।
38 . जो मुझ पर विश्वास करेगा , जैसा पवित्रशास्त्र में आया है , ' उसके हदय में से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेगी ' - John 7 : 37-38.
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यीशु ने कहा, " जीवन की रोटी मैं हूँ : जो मेरे पास आता है वह कभी भूखा न होगा , और जो मुझ पर विश्वास करता है वह कभी प्यासा न होगा । --John 6 : 35.
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31. यीशु ने कहा, " यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
32. तुम सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा ।Jn8:31-32.
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12." देख , मैं शीघ्र आनेवाला हूँ ; और हर के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है ।
13.मैं अल्फा और ओमेगा, पहला और अन्तिम , आदि और अन्त हूँ । --- Rev.22:12-13
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प्रभु परमेश्वर, जो है और जो था और जो आने वाला है, जो सर्वशकितमान है , यह कहता है , " मैं अल्फा और ओमेगा हूँ ।" --- Rev.1: 8.
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प्रभु की वाणी है - "मेरे पिता की इच्छा यह है कि जो पुत्र को पहचान कर उसमें विश्वास करता है, उसे अनन्त जीवन प्राप्त हो।मैं उसे अन्तिम दिन पुनर्जीवित कर दूँगा - John 6:40.
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